Welcome to Today India News MP   Click to listen highlighted text! Welcome to Today India News MP
https://todayindianewsmp.live/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifUncategorizedइंडोनेशियाटेक्नोलॉजीटॉप न्यूज़दिल्ली NCRदुनियादेशनईदिल्लीनिवाड़ीभोपालमध्य प्रदेशसेवा तीर्थ PMOसोशल मीडिया प्लेटफार्म

चीन की घेराबंदी के बीच भारत का महा-रणनीतिक कदम; इंडोनेशिया के साथ हुई ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल की मेगा-डील

​'मेक इन इंडिया' की ऐतिहासिक कामयाबी: फिलीपींस और वियतनाम के बाद अब इंडोनेशिया को रक्षा निर्यात करेगा भारत; पीएम मोदी के दौरे पर लगी मुहर

टुडे इंडिया न्यूज एमपी (जकार्ता/नई दिल्ली): वैश्विक रक्षा मंच पर भारत ने आज एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल कर लिया है। दक्षिण-पूर्व एशिया (Indo-Pacific Region) में चीन के बढ़ते दबदबे और आक्रामक रुख के बीच, भारत और इंडोनेशिया के बीच एक बहुत बड़ी रणनीतिक डिफेंस डील (Mega Defense Deal) फाइनल हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा और अत्याधुनिक तकनीक सहित कुल 20 महत्वपूर्ण समझौतों पर मुहर लगी है।

​इस महा-डील के तहत भारत अब इंडोनेशिया को दुनिया की सबसे तेज ब्रह्मोस (BrahMos) सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें और हवा से हवा में मार करने वाली स्वदेशी ‘अस्त्र’ (Astra) मिसाइलें निर्यात करेगा।

रक्षा समझौते की मुख्य बातें

​जकार्ता के ‘इस्ताना मरडेका’ राष्ट्रपति महल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद इन समझौतों का आधिकारिक ऐलान किया गया:

  • ब्रह्मोस मिसाइल आपूर्ति: फिलीपींस और वियतनाम के बाद इंडोनेशिया अब भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है। भारत इंडोनेशियाई रक्षा बलों को अतिरिक्त तटीय रक्षा बैटरियां और मिसाइलें प्रदान करेगा।
  • ‘अस्त्र’ मिसाइल का जलवा: भारतीय वायु सेना द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भारत की पहली स्वदेशी बियॉन्ड-विजुअल-रेंज (BVR) एयर-टू-एयर ‘अस्त्र’ मिसाइल को भी इंडोनेशिया खरीदेगा। डीआरडीओ (DRDO) द्वारा विकसित यह मिसाइल दुश्मन के लड़ाकू विमानों को हवा में ही सटीक निशाना बनाने में सक्षम है।
  • सबांग पोर्ट का संयुक्त विकास: चीन को रणनीतिक रूप से काउंटर करने के लिए दोनों देश मलक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) के पास स्थित बेहद महत्वपूर्ण ‘सबांग गहरे समुद्र के बंदरगाह’ (Sabang Deep Sea Port) का मिलकर विकास करेंगे।
  • मेक इन इंडिया’ का वैश्विक डंका

    ​यह समझौता भारत के डिफेंस सेक्टर और आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए गेम चेंजर साबित होने वाला है। अब भारत केवल एक बड़ा हथियार आयातक देश नहीं रहा, बल्कि वह दुनिया के अन्य देशों को अत्याधुनिक मिसाइल प्रणालियों का निर्यात करने वाला एक बड़ा वैश्विक हब बनकर उभर रहा है। यह पूरी तरह से ‘मेक इन इंडिया’ के तहत रक्षा निर्यात में भारत की एक बड़ी कामयाबी है।

    पीएम मोदी का बयान: “भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ता आपसी विश्वास हमारी रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को एक नई ऊंचाई दे रहा है। आज दोनों देशों की साझेदारी में एक स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत हुई है, जिसका 21वीं सदी की दुनिया और मानवता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”

    ​अन्य महत्वपूर्ण रणनीतिक समझौते

    ​रक्षा सौदों के अलावा, भारत और इंडोनेशिया के बीच कई और ऐतिहासिक क्षेत्रों में सहमति बनी है:

    1. चुनावी तकनीक (EVM): भारत इंडोनेशिया के लिए विशेष इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में मदद करेगा, जो भारत की चुनावी व्यवस्था पर वैश्विक भरोसे को दर्शाता है।
    2. क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज): इंडोनेशिया के विशाल खनिज भंडारों से निकल (Nickel) और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की माइनिंग व स्टील सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए एक रणनीतिक ढांचा तैयार किया जाएगा।
    3. अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अंतरिक्ष की खोज और इंडोनेशिया के अंतरिक्ष क्षेत्र की क्षमता निर्माण (Capacity Building) में मदद करेगा।

    ​इस ऐतिहासिक बैठक के दौरान विशेष सम्मान के रूप में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बितांग आदिपूर्णा’ (Bintang Adipurna) से भी नवाजा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!