विपक्ष के विरोध के बीच अगले हफ्ते लोकसभा में आ सकता है FCRA संशोधन विधेयक; विदेशी फंड के दुरुपयोग पर कड़ा शिकंजा कसने की तैयारी
देश की सुरक्षा और सामाजिक शांति बनाए रखने के लिए विदेशी फंडिंग के लेनदेन की खामियों को दुरुस्त करेगी सरकार।

टुडे इंडिया न्यूज (एमपी)
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नई दिल्ली / भोपाल:
संसद के जारीसत्र के बीच केंद्र सरकार विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक यानी FCRA Amendment Bill को लोकसभा में पारित कराने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दलों के तीखे विरोध के बावजूद सरकार अगले हफ्ते इस महत्वपूर्ण विधेयक को विचार और पारित कराने के लिए सदन के पटल पर रख सकती है।
राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर रोक लगाना मुख्य उद्देश्य
केंद्र सरकार का स्पष्ट मानना है कि विदेशों से आने वाले धन का इस्तेमाल किसी भी सूरत में भारत की सुरक्षा, संप्रभुता या सामाजिक शांति को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं होना चाहिए। वर्तमान व्यवस्था में विदेशी फंड के लेनदेन और उसके उपयोग से जुड़ी कुछ प्रशासनिक व कानूनी खामियां सामने आई हैं, जिन्हें दुरुस्त करने के लिए इस कानून में संशोधन किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इस कदम से विदेशी चंदे के स्रोत और उसके वास्तविक उपयोग में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
मार्च में पेश हुआ था बिल, विपक्ष ने जताई थी आपत्ति
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने इससे पहले इसी साल मार्च में इस संशोधन विधेयक को लोकसभा में पेश किया था। हालांकि, उस दौरान विपक्षी दलों ने विधेयक के कुछ प्रावधानों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। विपक्ष का तर्क था कि ये बदलाव गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और जनकल्याणकारी संस्थाओं के स्वायत्त कामकाज को प्रभावित कर सकते हैं।
संसद में घमासान के आसार
गृह मंत्रालय के इस कदम के बाद आगामी सप्ताह में संसद सत्र के दौरान जोरदार बहस देखने को मिल सकती है। जहां एक ओर सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था का हवाला देकर इसे जरूरी बता रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है।
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