संसद में बीजेपी का जोरदार पलटवार: जेपी नड्डा ने पूछा— ‘जॉर्ज सोरोस से सोनिया का क्या संबंध?’, निशिकांत के 10 सवालों पर गांधी परिवार निरुत्तर
पीएम मोदी को घेरने की रणनीति पड़ी उल्टी; बीजेपी की आक्रामक रणनीति से भौचक्का हुआ गांधी परिवार, रक्षात्मक मुद्रा में आई कांग्रेस

टुडे इंडिया न्यूज एमपी (Today India News MP)
नई दिल्ली / भोपाल:
संसद के वर्तमान सत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी रणनीति बदलते हुए विपक्ष पर जोरदार पलटवार किया है। संसद के दोनों सदनों में कांग्रेस और गांधी परिवार को विदेशी ताकतों व विवादास्पद अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस से कथित संबंधों को लेकर सत्ता पक्ष ने जबरदस्त घेराबंदी की है।
विपक्ष ने जो रणनीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कटघरे में खड़ा करने के लिए बनाई थी, वह बीजेपी के इस आक्रामक दांव के बाद उल्टी पड़ती दिखाई दे रही है। खुद को सवालों के घेरे में पाकर कांग्रेस नेतृत्व स्तब्ध रह गया है।
राज्यसभा में जेपी नड्डा का तीखा हमला: “देश को सच बताए कांग्रेस”
राज्यसभा में नेता सदन और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस नेतृत्व पर सीधा हमला बोलते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और अमेरिकी वित्तपोषक जॉर्ज सोरोस के रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े किए।
नड्डा ने सदन में कहा:
“देश की जनता यह जानना चाहती है कि जॉर्ज सोरोस और सोनिया गांधी का आखिर क्या संबंध है? भारत विरोधी गतिविधियों और भारतीय अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने का प्रयास करने वाले तत्वों के साथ कांग्रेस का क्या लेन-देन है? कांग्रेस लगातार देश का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।”
बीजेपी ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ऐसे संगठनों से जुड़ी रही हैं जिन्हें जॉर्ज सोरोस की संस्थाओं से फंडिंग मिलती है और जो भारत की संप्रभुता के खिलाफ काम करते हैं।
लोकसभा में निशिकांत दुबे के 10 तीखे सवाल; राहुल, प्रियंका और सोनिया मौन
लोकसभा में शून्यकाल के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मोर्चा संभालते हुए कांग्रेस और गांधी परिवार के सामने 10 तीखे सवाल दागे। दुबे ने आरोप लगाया कि विदेश में बैठकर भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और अर्थव्यवस्था पर हमला करने वाली रिपोर्टों (जैसे OCCRP) के पीछे सोरोस और कांग्रेस की सांठगांठ है।
निशिकांत दुबे के मुख्य सवाल:
- क्या सोनिया गांधी का संबंध सोरोस से जुड़े ‘फोरम ऑफ डेमोक्रेटिक लीडर्स इन एशिया पैसिफिक’ से है या नहीं?
- क्या ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल हुए विदेशी फंडेड एनजीओ प्रतिनिधियों का सोरोस फाउंडेशन से संबंध था?
- राजीव गांधी फाउंडेशन को मिले विदेशी चंदे का सच क्या है?
- भारत की आर्थिक स्थिति और संसद की कार्यवाही को बाधित करने के पीछे विदेशी फंडिंग का क्या खेल है?
इन 10 सवालों के सामने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी कोई ठोस जवाब देने में नाकाम रहे, जिसके चलते सदन में काफी हंगामा हुआ और कांग्रेस बैकफुट पर नजर आई।
बीजेपी ने बदली रणनीति: कटघरे में खड़ा करने चले थे, खुद खड़े हो गए
सत्र की शुरुआत में विपक्ष की योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की थी। हालांकि, बीजेपी ने अपनी आक्रामक रणनीति से पूरे परिदृश्य को बदल दिया।
- आक्रामक घेराबंदी: बीजेपी ने केवल रक्षात्मक रवैया अपनाने के बजाय सीधे विदेशी चंदे और देश विरोधी ताकतों से संबंधों का मुद्दा उठाकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को कटघरे में खड़ा कर दिया।
- गांधी परिवार स्तब्ध: सरकार को घेरने की उम्मीद लगाए बैठे राहुल गांधी और सोनिया गांधी खुद के बचाव में आ गए।
- विपक्ष में खलबली: संसद के बाहर और भीतर बीजेपी सांसदों के पोस्टरों व बयानों के बाद कांग्रेस नेतृत्व रणनीति में इस अचानक आए बदलाव से भौचक्का नजर आ रहा है।
आगे क्या?
बीजेपी के इस कड़े रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में संसद में यह मुद्दा और गरमाने वाला है। जहां सत्ता पक्ष राष्ट्रहित और राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर गांधी परिवार से जवाब मांग रहा है, वहीं कांग्रेस इस पूरे मामले को ध्यान भटकाने की राजनीति बता रही है। लेकिन फिलहाल, संसद के इस घमासान में पलड़ा पूरी तरह बीजेपी का भारी नजर आ रहा है




