एमपी सरकार का बड़ा फैसला: ‘साइबर तहसील 2.0’ से पारदर्शी और बेहद आसान हुई नामांतरण प्रक्रिया
राजस्व विभाग की बड़ी छलांग: 5.60 लाख से अधिक ऑनलाइन मामलों का हुआ त्वरित निपटारा, अब 70 दिन का काम मात्र 20 से 25 दिन में पूरा

भोपाल, मध्य प्रदेश
टुडे इंडिया न्यूज (एमपी):
मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार के सुशासन और डिजिटल विजन के तहत राजस्व विभाग ने आम नागरिकों को बड़ी राहत दी है। राज्य में लागू की गई ‘साइबर तहसील 2.0’ (Cyber Tehsil 2.0) प्रणाली से जमीन के क्रय-विक्रय के बाद होने वाली नामांतरण (म्युटेशन) की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और बेहद सरल हो गई है। अब जमीन खरीदने के बाद नागरिकों को तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ रही है।
राजस्व विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस अत्याधुनिक स्वचालित प्रणाली के माध्यम से अब तक 5.60 लाख से अधिक ऑनलाइन नामांतरण प्रकरणों का त्वरित और सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है।
70 दिन का इंतजार खत्म, 20-25 दिन में फैसला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के दिशा-निर्देशों में विभाग ने समय-सीमा को लेकर ऐतिहासिक सुधार किया है। पूर्व में जिस नामांतरण प्रक्रिया को पूरा होने में औसतन 70 दिन का लंबा समय लगता था, वह अब साइबर तहसील 2.0 के क्रियान्वयन से मात्र 20 से 25 दिन के भीतर पूरी हो रही है। इस पेपरलेस और फेसलेस व्यवस्था से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी पूरी तरह से लगाम लगी है।
क्या है साइबर तहसील 2.0 और कैसे बदल रही है तस्वीर?
-
- घर बैठे मिल रहे दस्तावेज: जमीन की रजिस्ट्री होते ही प्रकरण स्वतः ही आरसीएमएस (RCMS) पोर्टल पर दर्ज हो जाता है। नामांतरण आदेश जारी होते ही खसरा, नक्शा और जरूरी प्रमाणित दस्तावेज सीधे आवेदक को उनके मोबाइल पर एसएमएस, व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से घर बैठे मिल जाते हैं।
- आंशिक खसरा भी शामिल: पहले चरण में केवल संपूर्ण खसरा के मामलों को ही ऑनलाइन शामिल किया गया था, लेकिन अब ‘साइबर तहसील 2.0’ के तहत आंशिक खसरे के क्रय-विक्रय (जमीन के टुकड़े की रजिस्ट्री) को भी इस पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया से जोड़ दिया गया है।
- आपत्ति दर्ज करना भी हुआ ऑनलाइन: यदि किसी को नामांतरण प्रक्रिया पर आपत्ति है, तो वह भी आरसीएमएस पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन ही अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है।
सुशासन की नई पहचान
मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने राजस्व संबंधी मामलों में ड्रोन, जियो-फेंसिंग और साइबर तहसील जैसी अत्याधुनिक तकनीक का समावेश किया है। सरकार का यह कदम आम नागरिकों, विशेषकर किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है।




