PM Awas Yojana: आवास योजना में ऐतिहासिक बदलाव! अब हितग्राही खुद कर सकेंगे ‘सेल्फ सर्वे’, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान
भ्रष्टाचार और बिचौलियों का खेल खत्म; 'सेल्फ सर्वे ऐप' के जरिए आधार नंबर और फोटो डालते ही पात्रता सूची में जुड़ जाएगा नाम

टुडे इंडिया न्यूज एमपी (Today India News MP)
भोपाल/नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) को और अधिक पारदर्शी, सरल और सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि अब योजना के पात्र हितग्राही स्वयं अपने कच्चे मकान का सर्वे और आवेदन कर सकेंगे। सरकार की इस अनूठी पहल का उद्देश्य सरकारी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी गरीब पक्के मकान की सुविधा से वंचित न रहे।
कैसे काम करेगी ‘सेल्फ सर्वे’ (स्व-सर्वेक्षण) व्यवस्था?
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, अब पात्र परिवारों को आवास के लिए सरकारी दफ्तरों या अधिकारियों के चक्कर काटने की कोई जरूरत नहीं होगी। इसके लिए एक विशेष मोबाइल ऐप तैयार किया गया है:
- आधार से लॉगिन: हितग्राही को ऐप में अपना आधार नंबर दर्ज कर लॉगिन करना होगा।
- लाइव फोटो और जानकारी: लॉगिन करने के बाद हितग्राही को अपने कच्चे मकान की लाइव फोटो खींचकर ऐप में अपलोड करनी होगी।
- स्वयं प्रमाणीकरण (Self-Verification): बुनियादी जानकारी (जैसे आय सीमा और अन्य पात्रता मानदंड) भरकर सबमिट करते ही हितग्राही का नाम सीधे सर्वे की सूची में दर्ज हो जाएगा
- भौतिक सत्यापन: स्व-सर्वेक्षण पूरा होने के बाद, सरकारी टीम केवल एक बार मौके पर जाकर यह जांच करेगी कि भरी गई जानकारी सही है या नहीं। जानकारी सही पाए जाने पर तुरंत आवास की मंजूरी दे दी जाएगी।
- कोई भी गरीब नहीं छूटेगा” — केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस क्रांतिकारी बदलाव पर बात करते हुए कहा:
“अधिकारी और सर्वेक्षक तो अपना काम करेंगे ही, लेकिन हमने एक विशेष ऐप बनाया है ताकि कच्चे मकान में रहने वाले भाई-बहन खुद अपना सर्वे कर सकें। जब लोग खुद सर्वे करेंगे, तो किसी का नाम छूटने की गुंजाइश ही नहीं बचेगी। अगर किसी ने गलत जानकारी भरी होगी तो उसकी भौतिक जांच कर ली जाएगी, लेकिन इस व्यवस्था से किसी भी पात्र गरीब का हक नहीं मारा जाएगा।”
इस बदलाव के मुख्य फायदे
- पारदर्शिता: इस डिजिटल प्रक्रिया से सर्वे के नाम पर होने वाली धांधली और भ्रष्टाचार पर पूरी तरह रोक लगेगी।
- बिचौलियों से मुक्ति: पात्र हितग्राहियों को अब किसी तीसरे व्यक्ति या दलाल की मदद नहीं लेनी पड़ेगी।
- तेज प्रक्रिया: खुद आवेदन करने से पूरी प्रक्रिया बेहद तेज हो जाएगी और समय पर पक्का मकान स्वीकृत होगा।
- त्रुटिहीन सूची: पात्र लोगों के नाम छूटने की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी।
यह नई व्यवस्था मध्य प्रदेश सहित देश भर के ग्रामीण और शहरी इलाकों के गरीबों के लिए ‘हर सिर पर पक्की छत’ के सपने को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगी।




