दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान: सीएम पर लगे आरोपों को बताया निराधार, जीतू पटवारी के दावों से किया किनारा
उज्जैन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जमीन आवंटन मामले में लगाए गए आरोप तथ्यों से परे हैं।

उज्जैन: मध्य प्रदेश की राजनीति में उस समय एक नया मोड़ आ गया जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा लगाए गए आरोपों पर असहमति जताई है। उज्जैन में पत्रकारों से चर्चा के दौरान दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री पर 500 करोड़ रुपये की जमीन मात्र एक रुपये में ट्रस्ट को देने के आरोपों को पूरी तरह से गलत और निराधार करार दिया है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया था कि राज्य की एक बहुमूल्य सरकारी जमीन (जिसकी कीमत लगभग 500 करोड़ रुपये बताई जा रही है) को कौड़ियों के दाम यानी मात्र एक रुपये के टोकन अमाउंट पर एक निजी ट्रस्ट को सौंप दिया गया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई थी।
दिग्विजय सिंह ने दी सफाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने जीतू पटवारी के इन आरोपों पर सवाल पूछा, तो दिग्विजय सिंह ने बिना किसी लाग-लपेट के इन दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो तथ्य पेश किए जा रहे हैं, वे सही नहीं हैं। पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश अध्यक्ष के बीच बयानों का यह विरोधाभास अब विपक्षी दलों के लिए भी चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर प्रदेश कांग्रेस इकाई की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन दिग्गी राजा के इस रुख ने पार्टी के भीतर भी कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं।




