ऐतिहासिक बदलाव: देश में मनरेगा की जगह लागू हुआ ‘VB-G RAM G’ कानून, अब मिलेगा 125 दिन का गारंटीकृत रोजगार
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश से किया राष्ट्रीय शुभारंभ, राज्यों को ₹95,692.31 करोड़ आवंटित; निवाड़ी में विधायक अनिल जैन और कलेक्टर की मौजूदगी में जिला स्तरीय कार्यक्रम संपन्न

निवाड़ी/नई दिल्ली, 2 जुलाई 2026
- ग्रामीण भारत के आर्थिक और सामाजिक कायाकल्प की दिशा में आज एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हो गई है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देशभर में ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ (VB-G RAM G Act) आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया है। यह नया कानून पूर्ववर्ती मनरेगा (MGNREGA) का स्थान लेगा।
इस नए अधिनियम के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के गारंटीकृत रोजगार का वैधानिक अधिकार मिलेगा। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस राष्ट्रव्यापी मिशन को निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ₹95,692.31 करोड़ का अंतरिम बजट भी आवंटित कर दिया है।
आंध्र प्रदेश से हुआ राष्ट्रीय शुभारंभ
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिला अंतर्गत ओबुलावरीपल्ली मंडल के मुक्कावरीपल्ली गाँव से इस महत्वाकांक्षी योजना का आधिकारिक राष्ट्रीय शुभारंभ किया। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
”हमारा मुख्य संकल्प यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी पात्र ग्रामीण श्रमिक एक भी दिन बिना काम के न रहे। यह अधिनियम न केवल ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाएगा, बल्कि ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को गति देते हुए गांवों में टिकाऊ सामुदायिक संपत्तियों का निर्माण भी करेगा।”
— शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री

निवाड़ी में जिला स्तरीय कार्यक्रम: “श्रम का सम्मान ही विकास का आधार”
राष्ट्रीय शुभारंभ के सजीव प्रसारण के साथ ही जिला प्रशासन के तत्वाधान में निवाड़ी के स्वामी विवेकानंद सभागार ऑडिटोरियम में भव्य जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया।
- मुख्य अतिथि: कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि निवाड़ी विधायक अनिल जैन ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े के साथ दीप प्रज्वलन कर किया।
- गणमान्य नागरिक: इस मौके पर सांसद प्रतिनिधि राजेश पटेरिया, नंदकिशोर नापित, भूपेंद्र अग्रवाल, सहित भारी संख्या में ग्रामीण और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री अनिल जैन ने कहा कि “विकसित भारत” का संकल्प तभी पूर्ण होगा जब गाँवों का चहुंमुखी विकास होगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि “श्रम का सम्मान ही विकास का आधार है”। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के आपसी तालमेल से हम ग्रामीण अंचल के अंतिम व्यक्ति तक इस योजना का लाभ पहुँचाएंगे।
15 दिनों में काम और 15 दिनों में भुगतान अनिवार्य
निवाड़ी जिला पंचायत के सीईओ रोहन सक्सेना ने उपस्थित जनसमूह को ‘वीबी-जी राम जी’ योजना के तकनीकी और कानूनी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस नए अधिनियम के अंतर्गत दो बेहद कड़े नियम लागू किए गए हैं:
- आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। ऐसा न होने पर राज्य सरकार द्वारा दैनिक बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
- कार्य पूरा होने के 15 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
योजना की मुख्य विशेषताएं और 4 प्रमुख स्तंभ
’वीबी-जी ग्राम जी’ योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्य रूप से चार वर्टिकल्स (Priority Verticals) पर केंद्रित किया गया है:
- जल सुरक्षा (Water Security): भूजल पुनर्भरण, जल संरक्षण और सिंचाई से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी।
- बुनियादी ग्रामीण ढांचा (Core-Rural Infrastructure): ग्रामीण संपर्क मार्ग, स्थानीय बाजार और कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जाएगा।
- आजीविका सहायता (Livelihood Infrastructure): भंडारण गृह (Storage), कृषि उत्पाद केंद्र और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से मातृशक्ति का सशक्तिकरण।
- जलवायु अनुकूलन कार्य (Extreme Weather Mitigation): चरम मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने वाले विशेष निर्माण कार्य।
कृषि और श्रम का अनूठा संतुलन (60 दिनों का ‘नो-वर्क’ पीरियड)
किसानों और खेतिहर मजदूरों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए इस कानून में एक अनोखा प्रावधान है। बुवाई और कटाई के व्यस्ततम सीजन के दौरान सार्वजनिक निर्माण कार्यों पर 60 दिनों का अनिवार्य ठहराव (No-Work Period) रहेगा, ताकि खेतों में मजदूरों की कमी न हो। श्रमिक शेष 305 दिनों के भीतर अपने 125 दिनों का गारंटीकृत रोजगार कभी भी प्राप्त कर सकेंगे।
पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस
भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त करने के लिए इस योजना में डिजिटल हाजिरी, प्रत्यक्ष बैंक ट्रांसफर (DBT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण जैसी उन्नत तकनीकों को अनिवार्य किया गया है।




