निवाड़ी बीएमओ डॉ. आर.सी. मलारया ने आरोपों को बताया पूरी तरह निराधार: बोले- 5 सदस्यीय टीम कर चुकी है सभी दस्तावेजों की जांच, मिल चुकी है क्लीन चिट
सागर कमिश्नर के निरीक्षण के दौरान सामने आए थे मामले। बीएमओ ने सेवा से हटाए गए पूर्व वाहन चालक की साजिश करार दिया, बोले- झूठी शिकायतें करने वालों के खिलाफ अब की जाएगी कानूनी कार्रवाई।

टुडे इंडिया न्यूज एमपी विशेष रिपोर्ट:
निवाड़ी / मध्य प्रदेश:
मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर हाल ही में तूल पकड़ने वाले मामलों पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. आर.सी. मलारया ने मीडिया के सामने आकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। पत्रकारों के साथ एक विशेष चर्चा के दौरान उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए तमाम प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितता के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार और मनगढ़ंत बताया है।
कमिश्नर के दौरे के दौरान उठा था मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाल ही में सागर संभाग के कमिश्नर के जिला अस्पताल निरीक्षण के दौरान एक युवक द्वारा बीएमओ के खिलाफ एक शिकायती आवेदन सौंपा गया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. मलारया ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कार्रवाई और शिकायतें एक सोची-समझी साजिश के तहत की जा रही हैं।
जांच दस्तावेज और 5 सदस्यीय टीम की रिपोर्ट का खुलासा
बीएमओ डॉ. मलारया ने पत्रकारों को दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि इस पूरे प्रकरण से जुड़े हर पहलू की पहले ही उच्च स्तर पर पड़ताल की जा चुकी है:
- 5 सदस्यीय जांच दल का गठन: पूर्व में इन तमाम शिकायतों की सत्यता की जांच करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया गया था।
- दस्तावेजी सत्यापन और क्लीन चिट: इस विशेषज्ञ टीम ने तमाम फाइलों, वित्तीय अभिलेखों और प्रशासनिक दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच की, जिसके बाद जांच दल ने डॉ. मलारया को सभी आरोपों से पूरी तरह ‘क्लीन चिट’ दे दी है।
शिकायत के पीछे व्यक्तिगत रंजिश: बीएमओ
डॉ. मलारया ने खुलासा किया कि उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाला युवक अंकित शर्मा है, जो पूर्व में टीकाकरण वाहन पर ड्राइवर (चालक) के रूप में कार्यरत था।
- सेवा से पृथक किए जाने की कार्रवाई: काम में गंभीर अनियमितता और लापरवाही के चलते अंकित शर्मा समेत ओरछा और टेहरका के भी एक-एक वाहन चालकों को उनकी सेवाओं से पृथक (निलंबन/निष्कासन) किया गया था।
- बदला लेने की नीयत: नौकरी से हटाए जाने की इसी झुंझलाहट और व्यक्तिगत रंजिश के कारण यह शख्स लगातार विभाग और उनकी छवि को धूमिल करने के लिए झूठे शिकायती आवेदन दे रहा है।
अब कानूनी कदम उठाने की तैयारी
डॉ. आर.सी. मलारया ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि क्लीन चिट मिलने के बावजूद बार-बार इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाकर उनकी सामाजिक और आधिकारिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वे अपनी छवि को नुकसान पहुँचाने वाले तत्वों के विरुद्ध अब न्यायालय (कोर्ट) का दरवाजा खटखटाएंगे और कानूनी कार्रवाई करेंगे।
वहीं दूसरी ओर, सागर संभाग के कमिश्नर दिलीप कुमार ने मीडिया को बताया कि निरीक्षण के दौरान प्राप्त शिकायती आवेदन को नियमानुसार संज्ञान में ले लिया गया है और मामले के सभी दस्तावेजों की निष्पक्षता से फिर समीक्षा कराई जा रही है।
टुडे इंडिया न्यूज एमपी इस खबर से जुड़े प्रशासनिक दस्तावेजों और आगे की कानूनी अपडेट्स पर लगातार नजर बनाए रखेगा।




