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क्या SIR प्रक्रिया में 13 करोड़ वोट काटे गए? जानिए मतदाता सूची के संशोधन का पूरा सच
एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची में लगभग 13 करोड़ मतदाताओं को विभिन्न श्रेणियों के तहत किया गया है चिन्हित। चुनावी सूची से नाम हटना और ड्राफ्ट सूची में नाम चिन्हित होना दोनों हैं पूरी तरह से अलग-अलग बात

विस्तृत समाचार (Detailed News) टुडे इंडिया न्यूज एमपी
भोपाल / नई दिल्ली:
हाल ही में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के अंतर्गत तैयार की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। इस प्रक्रिया के तहत लगभग 13 करोड़ मतदाताओं को विभिन्न श्रेणियों में चिन्हित किया गया है, जिसके बाद से यह सवाल उठने लगा था कि क्या इतने बड़े पैमाने पर वोट काटे गए हैं? इस पूरे मामले की सच्चाई और आंकड़े इस प्रकार हैं:
- विभिन्न श्रेणियों में चिन्हित मतदाताओं का वर्गीकरण:
- इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 2.8 करोड़ मतदाताओं को मृत घोषित श्रेणी में चिन्हित किया गया है।
- लगभग 3 करोड़ मतदाता अनुपस्थित या लापता पाए गए हैं।
- लगभग 6.3 करोड़ मतदाताओं का स्थायी रूप से स्थानांतरण हो चुका है।
- इसके अलावा, लगभग 1 करोड़ ऐसे मतदाता हैं जिनकी एक से अधिक जगहों पर प्रविष्टि (दोहरी प्रविष्टि) पाई गई है।
- राजनीतिक दलों और बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा की गई जानकारी: इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शकता बनाए रखने के लिए इसकी जानकारी राजनीतिक दलों और उनके करीब 20 लाख बूथ लेवल एजेंटों (BLAs) के साथ वेरिफिकेशन के लिए साझा की गई है। इस दौरान हर पात्र मतदाता को अपना दावा और आपत्ति दर्ज कराने का पूरा अधिकार दिया गया है।
- एसआईआर (SIR) का मुख्य उद्देश्य: प्रशासन का स्पष्ट करना है कि एसआईआर का उद्देश्य किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटाना बिल्कुल नहीं है। इसका वास्तविक उद्देश्य हर योग्य पात्र मतदाता को मतदाता सूची में शामिल करना और सूची की त्रुटियों को दूर करना है। इसके साथ ही, ड्राफ्ट सूची में नाम चिन्हित होना और अंतिम मतदाता सूची से नाम हटना दो बिल्कुल अलग-अलग बातें हैं।




