विरासत को सहेजते हुए विकास की नई राह पर अग्रसर निवाड़ी: जिला गठन के 8 गौरवशाली वर्ष पूर्ण, विधायक अनिल जैन और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से बदल रही क्षेत्र की तस्वीर
जनता की उम्मीदों पर खरा उतरा नेतृत्व: विधायक अनिल जैन के मार्गदर्शन और प्रशासनिक समन्वय से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा मध्य प्रदेश का सबसे छोटा जिला। ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याणकारी योजनाओं का हो रहा है चौतरफा विस्तार। जनभागीदारी और सुशासन की मिसाल बना निवाड़ी,

निवाड़ी, 1 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश के मानचित्र पर अपनी अनूठी सांस्कृतिक विरासत और तीव्र विकास की लंबी लकीर खींचने वाला निवाड़ी जिला आज अपने गठन के 8 वर्ष पूर्ण कर चुका है। टीकमगढ़ जिले से अलग होकर 1 अक्टूबर 2018 को प्रदेश के 52वें जिले के रूप में अस्तित्व में आया निवाड़ी, आज स्थानीय विधायक अनिल जैन की दूरदर्शी सोच, सक्रिय राजनैतिक इच्छाशक्ति और जिला प्रशासन के मुस्तैद सहयोग से विकास नए मील के पत्थर छू रहा है माननीय विधायक अनिल जैन के विशेष प्रयासों, जिला प्रशासन के सक्रिय सहयोग और जनभागीदारी के बल पर अपनी ऐतिहासिक विरासत को संजोते हुए विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, अधोसंरचना और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में जिले ने अभूतपूर्व प्रगति की है।
प्रमुख बिंदु एवं विकास के
आयाम
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- प्रशासनिक व भौगोलिक स्वरूप: लगभग 1,170 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल और 4 लाख से अधिक आबादी वाले इस जिले में 3 तहसीलें, 2 जनपद पंचायतें, 136 ग्राम पंचायतें और 5 नगरीय निकाय सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं।
- ऐतिहासिक एवं पर्यटन विकास: ओरछा के श्री रामराजा मंदिर, जहांगीर महल और गढ़कुंडार किले जैसी धरोहरों के साथ-साथ यहाँ भोपाल–ओरछा–चंदेरी पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा शुरू की गई है, जिससे पर्यटन को आधुनिक कनेक्टिविटी मिली है। इसके अलावा 15 अक्टूबर 2025 को ‘श्री रामराजा लोक’ के द्वितीय चरण का शिलान्यास हुआ।
- बड़ी प्रशासनिक सौगात: हाल ही में 26 जुलाई 2026 को निवाड़ी में संयुक्त नवीन कलेक्ट्रेट भवन एवं जिला चिकित्सालय का लोकार्पण किया गया, तथा लगभग 193 करोड़ रुपये लागत के 59 विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण हुआ।
- औद्योगिक विस्तार एवं रोजगार: वित्तीय वर्ष 2023–26 के दौरान कुल 4,467 एमएसएमई इकाइयां पंजीकृत हुईं, जिससे 6,212 से अधिक नए रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। प्रतापपुरा और निवाड़ी भाटा औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश आया है।
- शिक्षा के स्तर में सुधार: सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणामों में भारी उछाल आया है; कक्षा 10वीं का परिणाम 50.92% से बढ़कर 70.59% और 12वीं का परिणाम 67.17% हो गया है। विद्यालयों में आधुनिक इंटरैक्टिव पैनल और आईसीटी लैब स्थापित की गई हैं।
- जनकल्याणकारी योजनाएं: ‘लाड़ली बहना योजना’ के तहत 79,300 से अधिक पंजीयनों के साथ करोड़ों रुपये की सहायता पहुंचाई गई है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना और संबल योजना के जरिए जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक सुरक्षा दी गई है।
- कृषि नवाचार: अटल भू-जल योजना के तहत किसानों को आधुनिक खेती (जैसे शेडनेट हाउस में रंगीन शिमला मिर्च की खेती) के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
”विरासत को सहेजते हुए, विकास को गति देते हुए और जनभागीदारी के साथ निवाड़ी निरंतर एक आत्मनिर्भर और प्रगतिशील जिले के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है।”
स्वर्णिम भविष्य की ओर अग्रसर कदम
स्थापना के 8 वर्ष पूर्ण होने पर निवाड़ी जिलेवासियों में एक नया उत्साह और उमंग देखने को मिल रहा है। रोजगार के नए अवसरों के सृजन, कृषि के क्षेत्र में आधुनिकीकरण और पर्यटन विकास की संभावनाओं को पंख लगने से यह जिला अब मध्यप्रदेश के तेजी से उभरते हुए विकसित जिलों की श्रेणी में गर्व के साथ खड़ा है।
— ब्यूरो रिपोर्ट, टुडे इंडिया न्यूज एमपी



