बड़ी खबर: CEC ज्ञानेश कुमार को बड़ी राहत, राज्यसभा सभापति ने खारिज किया महाभियोग प्रस्ताव
विपक्ष की घेराबंदी नाकाम; पक्षपात के आरोपों के बीच सभापति ने नहीं दी अनुमति

नई दिल्ली/भोपाल:
देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की विपक्ष की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने विपक्ष द्वारा लाए गए महाभियोग (Impeachment) प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसी तरह का नोटिस लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।
मुख्य बिंदु:
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- प्रस्ताव का आधार: विपक्षी गठबंधन (INDIA Bloc) के 193 सांसदों (130 लोकसभा और 63 राज्यसभा) ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 पन्नों का आरोप पत्र सौंपा था।
- गंभीर आरोप: विपक्ष ने CEC पर पक्षपातपूर्ण आचरण, चुनावी मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) में अनियमितता और मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने जैसे 7 मुख्य आरोप लगाए थे।
- खारिज होने का कारण: सभापति ने न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए कहा कि प्रस्ताव के सभी पहलुओं के निष्पक्ष मूल्यांकन के बाद इसे स्वीकार करने का कोई ठोस आधार नहीं पाया गया।
- ऐतिहासिक घटना: यह भारतीय संसदीय इतिहास में पहली बार था जब किसी मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हटाने का औपचारिक नोटिस सदन में दिया गया था।
“प्रस्ताव के नोटिस पर उचित विचार-विमर्श और सभी प्रासंगिक पहलुओं के निष्पक्ष मूल्यांकन के बाद, इसे स्वीकार करने से इनकार किया गया है।”
— राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी बयान
मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों पर असर
विपक्ष ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग का रवैया आगामी पश्चिम बंगाल चुनाव और पिछले बिहार चुनावों में संदिग्ध रहा है। मध्य प्रदेश की राजनीति में भी इस फैसले के बाद सियासी बयानबाजी तेज होने की उम्मीद है, क्योंकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।




